मोदी जी, जनता जानती है कि आपने लोकतंत्र की हत्या की है और वह आपको जवाब देगी – राहुल गांधी

कांग्रेस ने गुरुवार को बयान जारी करते हुऐ यह आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश में बदलते चुनावी परिदृश्य से घबरा गई है और संसदीय चुनाव से ठीक पहले विपक्ष को कमजोर करने के लिए तानाशाह की तरह वित्तीय और राजनीतिक “आतंकवाद” का सहारा ले रही है।


नई दिल्ली:- कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सरकारी तंत्र का गलत इस्तेमाल कर विपक्ष पर दबाव डाल कर कमजोर करने का आरोप लगाते हुऐ इसे राजनीतिक आतंकवाद का नाम दिया है! कांग्रेस ने अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिये पार्टी के खातों को सील करने और मोदी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिये जम्मू-काश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और उनके सहयोगियों के आवासों पर छापे और किसानों पर क्रूर कार्रवाई की ओर इशारा करते हुऐ कहा कि यह राजनीतिक तानाशाही का आगाज़ है !
कांग्रेस ने गुरुवार को बयान जारी करते हुऐ यह आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश में बदलते चुनावी परिदृश्य से घबरा गई है और संसदीय चुनाव से ठीक पहले विपक्ष को कमजोर करने के लिए तानाशाह की तरह वित्तीय और राजनीतिक “आतंकवाद” का सहारा ले रही है।कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह भी घोषणा की कि एक “तानाशाह ” सत्ता बरकरार रखने की हताशा में विपक्ष को कुचलने की साजिश रच रहा है।

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया “अगर किसान एमएसपी की मांग करते हैं, तो उन्हें गोली मार दें। क्या वह लोकतंत्र की जननी है? चयन के बाद यदि युवा नियुक्ति की मांग करें तो उस पर ध्यान देने से इंकार कर दें। क्या वह लोकतंत्र की जननी है? यदि कोई पूर्व राज्यपाल सच बोलता है, तो उस पर सीबीआई लगा दें। क्या वह लोकतंत्र की जननी है? प्रमुख विपक्षी दल के खाते फ्रीज करें. क्या वह लोकतंत्र की जननी है?उन्होंने कहा“धारा 144, इंटरनेट प्रतिबंध, कंटीले तार, आंसू गैस के गोले क्या यह लोकतंत्र की जननी है? मीडिया और सोशल मीडिया पर सच्चाई की हर आवाज़ को कुचल दो। क्या वह लोकतंत्र की जननी है? मोदी जी, जनता जानती है कि आपने लोकतंत्र की हत्या की है और वह आपको जवाब देगी।प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जब भी विदेश जाते हैं तो भारत को लोकतंत्र की जननी के रूप में चित्रित करना पसंद करते हैं, लगभग इस ऊंचे वाक्यांश का उपयोग भारत में घटते लोकतंत्र की बढ़ती आलोचना के खिलाफ ढाल के रूप में करते हैं।

इस विषय मे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी बयान देते हुऐ कहा, निरंकुश मोदी सरकार जबरन वसूली और वित्तीय आतंकवाद के जरिए लोकतंत्र पर कब्जा कर रही है !श्री खरगे ने पार्टी से संबंधित 65 करोड़ रुपये की कथित जब्ती की निंदा करते हुए कहा “भाजपा ने कम से कम 30 फर्मों से दान प्राप्त किया, इसके बाद उन्होंने उन पर छापे मारने के लिए सीबीआई, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग किया। रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि इनमें से कुछ कंपनियों ने तलाशी के बाद के महीनों में भाजपा को भारी रकम सौंपी। विपक्ष को लूटना और भाजपा का खजाना भरने के लिए दानदाताओं को ब्लैकमेल करना हमारे लोकतंत्र के लिए एक काला चरण है।
पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने नवीनतम खुलासे का भी उल्लेख किया जिसमें पता चला कि कैसे केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कार्रवाई के बाद 30 निजी कंपनियों को छोड़ दिया गया था और पाया गया कि उन्होंने भाजपा को 335 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। रमेश ने कहा, “यह सीबीआई-ईडी और आयकर का उपयोग कर जबरन वसूली है।” उन्होंने कहा कि ये दान चुनावी बांड के माध्यम से नहीं थे और विवरण चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध थे।

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